भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, सारनाथ मण्डल


भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के 27 वें मंडल सारनाथ की स्थापना पटना मंडल के अंतर्गत पूर्वी उत्तर प्रदेश और लखनऊ मंडल के कुछ भाग को सम्मिलित करके 2 सितम्बर 2013 महानिदेशक कार्यालय के आदेश (पत्रांक सं० 4-2/2013-योजना) द्वारा किया गया। इस मंडल के अधीन 142 स्मारक जिनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले सम्मिलित है। ये जिले हैं, इलाहाबाद, अम्बेडकर नगर, अमेठी, आजमगढ़, बलिया, चन्दौली, देवरिया, फैजाबाद, गाजीपुर, गोण्डा, महाराजगंज जौनपुर, कौशाम्बी, कुशीनगर, मऊ, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र, संत कबीर नगर, सुल्तानपुर, एवं वाराणसी।

मंडल के स्मारको को कई समूह में वर्गीकृत किया जा सकता है, जैसे कि स्तम्भ पुरास्थल, औपनिवेशिक स्थल, मुस्लिम/इस्लामिक स्मारक, मंदिर पुरास्थल, टीला स्थल, मूर्ति स्थल, गुफा-सह-अभिलेख स्थल, किले, बौद्ध धर्म से संबधित पुरास्थल और पढ़ें....


लाल खान की कब्र
यह पुरास्थल कैन्ट रेलवे स्टेशन से 6 किमी दूर राजघाट पुल, राजघाट, उ0प्र0 के पास स्थित है। यद्यपि वाराणसी हिन्दुओं के पवित्र स्थल के रूप में प्रसिद्ध है फिर भी यहाँ कुछ कब्रों और मस्जिदों का निर्माण मुस्लिम राज्य के अन्र्तगत ...

धरहरा मस्जिद
धरहरा मस्जिद का निर्माण औंरगजेब और शाहआलम ने 1663-1712 ई0 के बीच किया। यह हिन्दू-मुगल वास्तुशैली का एक अच्छा उदाहरण है। यहां तक पहुंचने के लिए दशाश्वमेध घाट से नाव के द्वारा नदी के रास्ते पंच गंगा घाट पर उतरकर ...

सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल, धम्मेख स्तूप और अन्य उत्खनित पुरावशेष
सारनाथ चार पवित्र बौद्ध पुरास्थलों मंे से एक है। महापरिनिर्वाण सूत्र के अनुसार बुद्ध ने अपने शिष्यों को चार स्थलों (लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, एवं कुशीनगर) का भ्रमण करने को कहा था। ये सभी क्रमशः उनके जन्म, बुद्धत्व प्राप्ति, प्रथम उपदेश और ...
समाचार और कार्यक्रम

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